मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी का नवाचार

नर्मदा नदी क्रासिंग में कम सैग और अधिक क्षमता कंडक्टर का किया उपयोग

मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी का नवाचार

भोपाल,28  जुलाई- मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने नवाचार करते हुए परंपरागत एसीएसआर कंडक्टर के स्थान पर अधिक क्षमता तथा कम सैग वाले एसीसीसी कंडक्टर का उपयोग नर्मदा नदी क्रासिंग में किया है।

जलग्रहण की ऊँचाई बढ़ने से कार्य हुआ चुनौतीपूर्ण 

नर्मदा नदी में बने सरदार सरोवर बाँध की ऊँचाई बढ़ने ये बड़वानी एवं धार जिले के मध्य ग्राम अवाली एवं गोपालपुरा के करीब नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में विस्तार हुआ, जिससे जल भराव का ऊँचाई स्तर काफी बढ़ गया था। ऐसी परिस्थिति में 220 केव्ही लाइन को नर्मदा नदी के 750 मीटर चौड़े पाट को पार कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। अत्याधिक ऊँचे जमुना क्रॉसिंग टावर पर परंपरागत कंडक्टर को खींचने के बाद भी कंडक्टर की पानी से दूरी सुरक्षा मानकों से कम हो जाती। इस स्थिति में ट्रांसमिशन कंपनी के इंजीनियर्स ने नवाचार कर एक नए प्रकार के कंडक्टर का उपयोग करने का निर्णय लिया, जिसमें कार्बन फाइबर की कोर है। यह कंडक्टर परंपरागत एसीएसआर कंडक्टर से अधिक मज़बूत तथा अधिक करंट वहन करने में सक्षम है। इस कंडक्टर का दो टावर्स के मध्य में झुलाव या सैग परंपरागत एसीएसआर कंडक्टर से बहुत कम है। साथ ही यह कंडक्टर तुलनात्मक रूप से गर्म भी कम होता है। 220 के.व्ही. सबस्टेशन जुलवानिया से 220 केव्ही सबस्टेशन कुक्षी तक 220 केव्ही लाइन के निर्माण में नर्मदा नदी क्रासिंग में इस कंडक्टर का उपयोग किया गया है।

Related Posts

Latest News

उत्तर प्रदेश ‘दावेदार’ श्रेणी में, ऊर्जा दक्षता सुधार की बड़ी गुंजाइश उत्तर प्रदेश ‘दावेदार’ श्रेणी में, ऊर्जा दक्षता सुधार की बड़ी गुंजाइश
विद्युत मंत्रालय ने राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (SEEI) 2024 जारी किया है। इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को ‘दावेदार’ (Contender)...
अडानी समूह को जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के अधिग्रहण की मंजूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने बक्सर थर्मल पावर प्लांट की पहली यूनिट का उद्घाटन किया
ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन की संविधानेतर गतिविधियों पर संघर्ष समिति का सवाल
अडानी से टाटा तक: भारत की बड़ी निजी बिजली कंपनियाँ चीन पर निर्भर
सौर ऊर्जा से हाइड्रो तक भारत की बिजली व्यवस्था चीन के भरोसे
भारत 2030 तक 6G लॉन्च करने की तैयारी में, वैश्विक स्तर पर बढ़ रही प्रतिस्पर्धा
समुद्र के नीचे सोना-चांदी, तांबा-निकल का भंडार! संसद में खुलासा
5 मिनट में ऑटो नहीं मिला? रैपिडो पर 10 लाख का जुर्माना!
तटीय राज्यों में ₹3,088 करोड़ के चक्रवात-रोधी बिजली कार्य