बीसीजीसीएल ने ओडिशा में कोयला गैसीकरण परियोजना के लिए निविदा जारी की

बीसीजीसीएल ने ओडिशा में कोयला गैसीकरण परियोजना के लिए निविदा जारी की

नई दिल्ली-सीआईएल और बीएचईएल की संयुक्त उद्यम कंपनी, भारत कोल गैसीकरण एवं रसायन लिमिटेड (बीसीजीसीएल) ने गुरुवार को ओडिशा में ‘कोयला से अमोनियम नाइट्रेट’ परियोजना के लिए एलएसटीके-2 ठेकेदार के चयन हेतु निविदा दस्तावेज जारी किया है। यह निविदा सीपीपी पोर्टल पर निविदा संख्या, पीएनएमएम/पीसी288/ई/001 तथा निविदा शीर्षक, "भारत कोल गैसीकरण एवं रसायन लिमिटेड, बीसीजीसीएल" के रूप में उपलब्ध है। एलएसटीके-2 निविदा सिनगैस शुद्धिकरण संयंत्र तथा अमोनिया संश्लेषण गैस संयंत्र से संबंधित है, जो कोयला गैसीफायर से उत्पादित कच्चे सिनगैस को शुद्ध करेगा तथा इसे अमोनिया संश्लेषण के लिए उपयुक्त बनाएगा। 

पूर्व-बोली की तिथि 28.06.2024 निर्धारित की गई है तथा इच्छुक बोलीदाता 21.06.2024 तक अपने पूछताछ संबंधी प्रश्न साझा कर सकते हैं।

सीआईएल तथा बीएचईएल ने सतह कोयला गैसीकरण (एससीजी) प्रौद्योगिकी मार्ग के माध्यम से वाणिज्यिक पैमाने पर भारत का पहला कोयला से अमोनियम नाइट्रेट उत्पादन-संयंत्र स्थापित करने के लिए एक समझौता किया है। समझौते के अनुसार, गैसीकरण संयंत्र बीएचईएल द्वारा स्थानीय रूप से विकसित कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकी पर आधारित होगा, जिसके तहत लखनपुर क्षेत्र के उच्च राख की मात्रा वाले कोयले का उपयोग प्रति वर्ष 0.66 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटीपीए) तकनीकी ग्रेड के अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करने के लिए किया गया है। पीएफआर के अनुसार, पूरी परियोजना लागत 11782 करोड़ है। "विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (डीएफआर) की तैयारी" के कार्य के लिए, मेसर्स पीडीआईएल को परियोजना के पीएमसी के रूप में नामित किया गया है।

तदनुसार, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने 21 मई, 2024 को एक संयुक्त उद्यम कंपनी, भारत कोल गैसीकरण एवं रसायन लिमिटेड (बीसीजीसीएल) (सीआईएन यू23935ओडी2024जीओआई045884) का गठन किया है, जो इन दोनों पीएसयू के कोयला-से-रसायन व्यवसाय में प्रवेश का प्रतीक है। यह कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की एक सहायक कंपनी है, जिसमें सीआईएल की 51% और बीएचईएल की 49% हिस्सेदारी है।

परियोजना के निष्पादन के लिए पैकेजिंग व्यवस्था को आंशिक एलएसटीके मोड के रूप में अंतिम रूप दिया गया है, जिसमें चार एलएसटीके पैकेज तथा 29 अन्य ऑफसाइट और उपयोगिता पैकेज, जिन्हें ईपीसी मोड में किया जाएगा, की पहचान की गई है। चार एलएसटीके पैकेजों में से तीन पैकेज अर्थात् एलएसटीके-2, एलएसटीके-3 और एलएसटीके-4 को निविदा के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा तथा शेष एलएसटीके-1 को बीएचईएल द्वारा नामांकन के आधार पर पूरा किया जाएगा। चार एलएसटीके पैकेज हैं:-

  • एलएसटीके-1 पैकेज: कोयला गैसीकरण, वायु पृथक्करण इकाई (एएसयू), राख प्रबंधन योजना (एएचपी), भाप उत्पादन योजना (एसजीपी), कोयला प्रबंधन संयंत्र (सीएचपी), कोयला गैसीकरण के लिए कूलिंग टावर
  • एलएसटीके-2 पैकेज: सीओ शिफ्ट इकाई, रेक्टिसोल इकाई, सल्फर रिकवरी इकाई और तरल नाइट्रोजन वॉश इकाई सहित कच्चे गैस का शुद्धिकरण।
  • एलएसटीके-3 पैकेज: अमोनिया संश्लेषण इकाई। निविदा के माध्यम से ईपीसी ठेकेदार का चयन।
  • एलएसटीके-4 पैकेज: अमोनिया इकाई, नाइट्रिक एसिड इकाई, अमोनियम नाइट्रेट इकाई के लिए कूलिंग टॉवर के साथ प्रिलिंग टॉवर सहित नाइट्रिक एसिड, अमोनियम नाइट्रेट संयंत्र।
  • ऑफसाइट और उपयोगिताएँ: निविदा के माध्यम से ईपीसी ठेकेदार का चयन, जिसमें 29 पैकेजों की पहचान की गई है, जिनके अनुमानित मूल्य का उपयोग डीएफआर को अंतिम रूप देने के लिए किया जाएगा।

परियोजना की परिकल्पना इस तरह से की गई है कि कोई भी हिस्सा छूटा न रह जाये, सीआईएल के पास लगभग 350 एकड़ जमीन उपलब्ध है और अंतिम उत्पाद अमोनियम नाइट्रेट का उठाव सीआईएल द्वारा किया जाएगा तथा इसका उपयोग कोयले के खनन के लिए विस्फोटक गतिविधि में किया जाएगा। यह पहला वाणिज्यिक कोयला गैसीकरण संयंत्र होगा, जो बीएचईएल द्वारा विकसित स्वदेशी कोयला गैसीकरण तकनीक का प्रदर्शन करेगा। कोयला मंत्रालय ने सरकारी सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र की कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता/प्रोत्साहन/अनुदान ("वित्तीय प्रोत्साहन") शुरू किया। वित्तीय प्रोत्साहन को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। उम्मीद है कि यह परियोजना श्रेणी-1 के तहत 1350 करोड़ रुपये के लाभ की अर्हता प्राप्त करने वाली पहली परियोजना होगी।

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