‘पक्षी पहचान और मूलभूत पक्षी विज्ञान’ पाठ्यक्रम का चौथा बैच पूरा

‘पक्षी पहचान और मूलभूत पक्षी विज्ञान’ पाठ्यक्रम का चौथा बैच पूरा

 नई दिल्ली-पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमआईईएफएंडसीसी) ने प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया मिशन की तर्ज पर भारत के युवाओं को ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम (जीएसडीपी) के तहत लाभकारी रोजगार प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए पर्यावरण एवं वन क्षेत्र में कौशल विकास के लिए पहल को आगे बढ़ाया है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी), सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी), राष्ट्रीय जैवविविधता लक्ष्यों (एनबीटी) तथा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली (2016) की प्राप्ति के लिए तकनीकी ज्ञान और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता रखने वाले हरित कुशल श्रमिक विकसित करने का प्रयत्न करता है।

चालू वित्त वर्ष अर्थात् 2022-23 में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ईएनवीआईएस आरपी ने ‘पक्षी पहचान और मूलभूत पक्षी विज्ञान’ में जीएसडीपी प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के चार बैचों का आयोजन किया है। इन पाठ्यक्रमों ने देश भर के छात्रों को पक्षी विज्ञान के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर प्रदान किया। पाठ्यक्रमों में भाग लेने वाले 30 प्रतिशत छात्रों की पहले ही संगत सेक्टरों में नियुक्ति की जा चुकी है। यह पाठ्यक्रम नि:शुल्क है तथा पूरी तरह से पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित है।

Related Posts

Latest News

उत्तर प्रदेश ‘दावेदार’ श्रेणी में, ऊर्जा दक्षता सुधार की बड़ी गुंजाइश उत्तर प्रदेश ‘दावेदार’ श्रेणी में, ऊर्जा दक्षता सुधार की बड़ी गुंजाइश
विद्युत मंत्रालय ने राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (SEEI) 2024 जारी किया है। इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को ‘दावेदार’ (Contender)...
अडानी समूह को जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के अधिग्रहण की मंजूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने बक्सर थर्मल पावर प्लांट की पहली यूनिट का उद्घाटन किया
ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन की संविधानेतर गतिविधियों पर संघर्ष समिति का सवाल
अडानी से टाटा तक: भारत की बड़ी निजी बिजली कंपनियाँ चीन पर निर्भर
सौर ऊर्जा से हाइड्रो तक भारत की बिजली व्यवस्था चीन के भरोसे
भारत 2030 तक 6G लॉन्च करने की तैयारी में, वैश्विक स्तर पर बढ़ रही प्रतिस्पर्धा
समुद्र के नीचे सोना-चांदी, तांबा-निकल का भंडार! संसद में खुलासा
5 मिनट में ऑटो नहीं मिला? रैपिडो पर 10 लाख का जुर्माना!
तटीय राज्यों में ₹3,088 करोड़ के चक्रवात-रोधी बिजली कार्य