टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड में हिस्सेदारी के अधिग्रहण को मंजूरी

 टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड में हिस्सेदारी के अधिग्रहण को मंजूरी

नई दिल्ली-भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने ग्रीनफॉरेस्ट न्यू एनर्जीज बिडको लिमिटेड द्वारा टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड में हिस्सेदारी के अधिग्रहण को मंजूरी दी। प्रस्तावित संयोजन टीपीआरईएल के आंतरिक पुनर्गठन और ग्रीनफॉरेस्ट द्वारा टीपीआरईएल की इक्विटी शेयर पूंजी के 11.43% तक के अधिग्रहण से संबंधित है।

ग्रीनफॉरेस्ट न्यू एनर्जीज बिडको लिमिटेड (ग्रीनफॉरेस्ट) एक निवेश कंपनी है, जिसे ब्लैकरॉक अल्टरनेटिव्स मैनेजमेंट, एलएलसी (बीएएम) और मुबाडाला इन्वेस्टमेंट कंपनी पीजेएससी (एमआईसी) द्वारा प्रस्तावित संयोजन के लिए अप्रत्यक्ष रूप से निगमित किया गया है।

बीएएम ब्लैकरॉक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। ब्लैकरॉक एक अमेरिकी सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी है, जो संस्थागत और व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए वैश्विक निवेश प्रबंधन, जोखिम प्रबंधन और सलाहकार सेवाओं के क्षेत्र में सक्रिय है। ब्लैकरॉक कंपनी दुनिया भर में संस्थागत और व्यक्तिगत निवेशकों की ओर से संपत्ति का प्रबंधन करती है।

एमआईसी अबू धाबी सरकार की एक निवेश कंपनी है। यह ऊर्जा, उपयोगिता और अचल संपत्ति सहित विभिन्न उद्योगों में निवेश और विकास का प्रबंधन करती है।

टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (टीपीसीएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जिसके माध्यम से टीपीसीएल भारत में अपना अक्षय ऊर्जा का कारोबार करती है। टीपीआरईएल का प्रमुख कारोबार ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों के माध्यम से बिजली उत्पादन करना है।

 

सीसीआई का विस्तृत आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा।

Related Posts

Latest News

उत्तर प्रदेश ‘दावेदार’ श्रेणी में, ऊर्जा दक्षता सुधार की बड़ी गुंजाइश उत्तर प्रदेश ‘दावेदार’ श्रेणी में, ऊर्जा दक्षता सुधार की बड़ी गुंजाइश
विद्युत मंत्रालय ने राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (SEEI) 2024 जारी किया है। इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को ‘दावेदार’ (Contender)...
अडानी समूह को जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के अधिग्रहण की मंजूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने बक्सर थर्मल पावर प्लांट की पहली यूनिट का उद्घाटन किया
ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन की संविधानेतर गतिविधियों पर संघर्ष समिति का सवाल
अडानी से टाटा तक: भारत की बड़ी निजी बिजली कंपनियाँ चीन पर निर्भर
सौर ऊर्जा से हाइड्रो तक भारत की बिजली व्यवस्था चीन के भरोसे
भारत 2030 तक 6G लॉन्च करने की तैयारी में, वैश्विक स्तर पर बढ़ रही प्रतिस्पर्धा
समुद्र के नीचे सोना-चांदी, तांबा-निकल का भंडार! संसद में खुलासा
5 मिनट में ऑटो नहीं मिला? रैपिडो पर 10 लाख का जुर्माना!
तटीय राज्यों में ₹3,088 करोड़ के चक्रवात-रोधी बिजली कार्य